गंगा दशहरा | Ganga Dashara
ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है. कुमाऊँ के अधिकतर निवासी इस दिन अपने मुख्य द्वार में 'गंगा दशहरा द्वार पत्र' लगाते हैं.
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| image from Pinterest |
इस द्वार पत्र में एक चित्र होता है जो रंगों से भरा हुआ ज्यामितीय आकार या फिर किसी देवता का चित्र होता है. इसके चारों ओर, ऊपर से शुरू करके दाहिनी ओर से होते हुए, यह मन्त्र लिखा जाता है:
अगस्त्यश्च पुलस्त्यश्च वैशम्पायन एव च
जैमिनिश्च सुमन्तुश्च पञ्चैते वज्रवारका: ।।
मुनेः कल्याणमित्रस्य जैमिनेश्चाऽनुकीर्तनात्
विद्युदग्नि भयं नास्ति लिखिते च गृहोदरे।।
यत्रानुपायी भगवान् दद्यात्ते हरिरीश्वरः
भङ्गो भवति वज्रस्य तत्र शूलस्य का कथा ।।
यह जानकर अच्छा लगता है कि बहुत सारे प्रवासी-जन अभी भी बच्चों से इस तरह का पत्र बनवाते हैं फिर उसे कुछ देर के लिये ही सही घर के दरवाजे पर लगा लेते हैं. देश-काल को देखकर हर स्थिति में इसे लगाए रखना संभव नहीं, तो भी ऐसे पत्र घर में ही बनाएंगे तो संस्कृति और रचनात्मकता- दोनों में गंगा की एक बूँद भर तो लाभ होगा ही.
2026 में गंगा दशहरा 25 मई को पड़ रहा है.

कुमाऊँनी धार्मिक परम्परा की अच्छी जानकारी ।
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